मौरा बालू घाट में कथित अवैध खनन के विरोध में वन पर्यावरण नदी बचाओ संघर्ष समिति के बैनर तले किसानों का अनिश्चितकालीन धरना जारी है। समिति के सचिव एवं भाकपा (माले) के युवा नेता बाबू साहब सिंह के नेतृत्व में चल रहे इस आंदोलन को झाझा विधानसभा के पूर्व प्रत्याशी डॉ. राजेंद्र यादव ने समर्थन दिया है।
डॉ. यादव धरना स्थल पर पहुंचे और किसानों की मांगों को जायज बताते हुए कहा कि मौरा बालू घाट में मानकों के विपरीत खनन हो रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि संवेदक को कुछ सफेदपोश नेताओं एवं वरीय पदाधिकारियों का संरक्षण प्राप्त है, जिसके कारण ठेकेदार का मनोबल बढ़ा हुआ है। उन्होंने कहा कि जिस मात्रा में एक वर्ष में बालू उठाव होना चाहिए था, उससे अधिक मात्रा मात्र 15 दिनों में सेकेंडरी लोडर प्वाइंट पर जमा हो चुकी है। उन्होंने जिला प्रशासन से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की और चेतावनी दी कि यदि कार्रवाई नहीं हुई तो किसानों के साथ मिलकर नदी बचाओ आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
धरना को संबोधित करते हुए पूर्व मुखिया कांता प्रसाद ने कहा कि यदि अवैध खनन पर रोक नहीं लगाई गई और जांच समिति की रिपोर्ट सार्वजनिक नहीं की गई, तो आंदोलन को और उग्र रूप दिया जाएगा।
भाकपा (माले) नेता बाबू साहब सिंह ने आरोप लगाया कि वर्ष 2017-18 में मौरा बालू घाट की बंदोबस्ती को उच्च न्यायालय के निर्देश पर जिलाधिकारी की जांच समिति की अनुशंसा के आधार पर रद्द किया गया था। इसके बावजूद वर्ष 2025-26 में तथ्यों में बदलाव कर पुनः बंदोबस्ती किया जाना गंभीर सवाल खड़े करता है। उन्होंने मांग की कि बंदोबस्ती की उच्च स्तरीय जांच कराई जाए, ताकि किसानों को न्याय मिल सके।

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