आलमगीर आलम और संजीव लाल को सुप्रीम कोर्ट से बड़ा झटका, जमानत नहीं | Ranchi Day आलमगीर आलम और संजीव लाल को सुप्रीम कोर्ट से बड़ा झटका, जमानत नहीं - Ranchi Day

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4/02/2026

आलमगीर आलम और संजीव लाल को सुप्रीम कोर्ट से बड़ा झटका, जमानत नहीं

आलमगीर आलम और संजीव लाल

रांची : सुप्रीम कोर्ट ने पूर्व ग्रामीण विकास मंत्री आलमगीर आलम और उनके आप्त सचिव संजीव लाल को जमानत देने से इनकार कर दिया है। अदालत ने मामले में महत्वपूर्ण गवाहों की जांच चार सप्ताह के भीतर पूरी करने का निर्देश दिया है। इसके साथ ही न्यायालय ने जांच के बाद अगली सुनवाई की तिथि निर्धारित करने को कहा है।

मामले की सुनवाई सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश एमएम सुंदरेश और न्यायाधीश एन. कोटेश्वर सिंह की पीठ में हुई। सुनवाई के दौरान दोनों पक्षों की दलीलें सुनी गईं, जिसके बाद कोर्ट ने जमानत याचिका खारिज कर दी।

गौरतलब है कि ग्रामीण विकास विभाग के टेंडर में कमीशनखोरी और मनी लॉन्ड्रिंग के आरोप में तत्कालीन मंत्री आलमगीर आलम और उनके आप्त सचिव संजीव लाल मई 2024 से जेल में बंद हैं। अदालत ने मामले की गंभीरता को देखते हुए गवाहों की जल्द जांच पूरी करने पर जोर दिया है।

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ranchi news हजारीबाग

कलयुगी माँ....बेटे की खातिर बेटी की जान ले ली

तंत्र-मंत्र के नाम पर मासूम की बलि, माँ समेत तीन गिरफ्तार 

हजारीबाग। जिले के विष्णुगढ़ थाना क्षेत्र अंतर्गत कुसुम्भा गांव में 13 वर्षीय नाबालिग बच्ची की निर्मम हत्या के मामले में पुलिस ने सनसनीखेज खुलासा किया है। इस जघन्य वारदात में मृतका की माँ सहित तीन लोगों को गिरफ्तार किया गया है। 

घटना 24 मार्च 2026 की रात की है, जब मंगला जुलूस के दौरान बच्ची अचानक लापता हो गई थी। काफी खोजबीन के बाद भी उसका पता नहीं चल सका। अगले दिन 25 मार्च की सुबह करीब 8:30 बजे पुलिस को सूचना मिली कि कुसुम्भा गांव स्थित मध्य विद्यालय के पीछे बांस झाड़ी में बच्ची का शव पड़ा हुआ है। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर जांच शुरू की।

मृतका की माँ रेशमी देवी के आवेदन पर प्राथमिकी दर्ज की गई थी, लेकिन मामले की गंभीरता को देखते हुए 26 मार्च को झारखंड पुलिस के निर्देश पर विशेष जांच टीम (SIT) का गठन किया गया।

तकनीकी जांच और पूछताछ में खुला राज

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